कुछ दिनों पहले दुनिया के बड़े-बड़े वैज्ञानिकों ने एक रिसर्च की थी और रिपोर्ट जारी की थी, जिसमे ह्यूमन ब्रेन एंड इट्स डेवलपमेंट पर लिखा गया था. उसमे इम्पोर्टेन्ट बात ये थी की ह्यूमन ब्रेन अभी भी डेवलपिंग फेज में हैं और एक दिन ऐसा आएगा जब ह्यूमन ब्रेन इवॉल्व या डेवलप करना बंद हो जायेगा. मतलब इस दिमाग का इतना विकास हो जायेगा की इसके आगे और कोई इम्प्रूवमेंट संभव ही नही है. फिर मैंने सोचा की अगर वैसा दिन आयेगा तो जरुर ही इंसानी दिमाग एक सुपर कंप्यूटर जैसा हो जायेगा, जो सुपर स्पीड से काम करेगा और और जिसके पास विकिपीडिया जैसा हर सवाल का सही जवाब रहने लगेगा. अच्छा ख्याल था. सोच कर ही दिल खुश हो गया.

लेकिन आपको यकीन हो न हो, वो दिन अब आ चुका है. ऐसे लोगों से मै मिल चूका हूँ, उनको देख चुका हूँ और इस बात से काफी खुश रहता हूँ की चलो वो दिन मैंने देख लिया, जिसको मै सपने में देखा करता था. मेरे लिए ये वही मोमेंट है जो कुछ लोग कहते हैं न I was alive when blah blah blah happened. मेरे लिए ये ब्लाह ब्लाह हो चुका था. मजे की बात तो ये है की ये सब मेरे फ्रेंड सर्किल में आते हैं. जी हाँ – ये हैं मेरे फेसबुक के दोस्त. इन्हें प्यार से मै फेसबूकिया क्रांतिकारी कहता हूँ. ये मेरे लिए तो सुपर ह्यूमन से कम नही हैं. चलता-फिरता ज्ञान का भण्डार हैं ये. इनके पास दुनिया की सारी नॉलेज है. इन्होने कभी क़ुरान नही पढ़ी, लेकिन इस्लाम के बारे में सब जानते हैं, मनुस्मृति देखी भी नही होगी, लेकिन मनुवाद का ज्ञान है. जिन्ना ने क्या गलत किया और नेहरु ने क्या सही, ये सब जानते हैं. गाँधी को तो अपने सामने ये खड़े भी होने नही देते. इनके सामने इतिहास के बड़े-बड़े विद्वान भी शर्मिंदा हो जायेंगे.

इनकी डिक्शनरी में “नही जानते” शब्द है ही नही. भारत में, दुनिया में या मंगल पे क्या हो रहा है, इन्हें सब पता है, किसी सवाल के जवाब में ऐसा कोई उत्तर ही नही मिलेगा जिसमे ये कह दें की भाई “नही जानते”. राजनीती हो, अर्थशास्त्र हो, कूटनीति हो या फिर कोई भी ऐसी XYZनीति, ये सब के ज्ञाता हैं. आपको भले भरोसा न हो पर देश की विदेशनीति मोदी जी के कहने पर नही, इनके कहने पर बनायी जाती है और रघुराम राजन तो बस नाम के गवर्नर हैं, RBI की सारी पौलिसी तो ये अपने मोबाइल पर बना के राजन जी को sms करते हैं. बरमुडा ट्रायंगल का रहस्य शायद हमारे वैज्ञानिक सर पटक-पटक कर ढूँढने में लगे होंगे, लेकिन इन्हें वो भी पता है.

विकास कैसे होगा, भ्रष्टाचार कैसे मिटेगा और गरीबी कैसे हटाई जा सकती हैं, इन्हें सब मालूम है. और तो और ये सब काम ये घर में बैठे-बैठे, या लेटे-लेटे अपने टच स्क्रीन मोबाइल फ़ोन से कर देते हैं. किसान आत्महत्या करे तो उसको अन्न पंहुचा देते हैं, सूखा पड़े तो मोबाइल से खेतों की सिंचाई कर देते हैं. इन्हें राजनीती में जाना गन्दा काम लगता है, इसलिए बिना गए और बिना वोट दिए अपना मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री भी चुन लेते हैं. और किसी से कोई गलती हो जाये तो फेसबुक पर खुला ख़त या खुली चिट्ठी, मतलब ओपन लेटर, भी लिख देते हैं, जो लेटर सीधे प्रधानमन्त्री और मुख्यमंत्री की जेब में जा के गिरती है.

ये क्रांतिकारी बांटने में विश्वास रखते हैं, इसलिए फेसबुक पर भर-भर के ज्ञान बाँटते हैं. ये भले खुद दिन में 12 बजे उठते हों, लेकिन सुबह उठने के फायदे वाले पोस्ट ये जरुर शेयर करते हैं. मम्मी ने बाज़ार से दूध या सब्जी लाने को कह दिया तो ऐसे चिल्ला उठेंगे मानो वो हरे रंग वाले हल्क की आत्मा इनमे घुस गयी हो, लेकिन फेसबुक पर हैप्पी मदर्स डे लिखना नही भूलेंगे. गलती से बाबूजी ने दवाई लाने को कह दिया तो घर से निकल भागेंगे और 3 दिन बाद ही घर लौटेंगे, लेकिन फेसबुक पर श्रवण कुमार वाली पोस्ट शेयर करेंगे. देश और दुनिया में हो रहे जुल्म पर ये जोर-जोर से आवाज उठाते हैं. सूखे में मर रहे किसानों के लिए ये सरकार से जवाब तलब करते हैं. सहिष्णुता और असहिष्णुता पर लम्बे-लम्बे पोस्ट लिख डालते हैं. हर दिन एक नए मुद्दे को हाथ में लेते हैं और शाम होते-होते उसका समाधान निकाल कर दुनिया के सामने रख देते हैं की लो हे तुच्छ मनुष्यों, मैंने आज तुम्हारी एक और समस्या का आज समाधान कर दिया.

ऐसे सुपर ह्यूमन आपके आस-पास भी होंगे, बस आपको पहचानने भर की देर है. ऐसे इनके कुछ लक्षण हैं जिससे आप इनकी पहचान कर सकते हैं. ये सुनना कम और बोलना ज्यादा पसंद करते हैं. ये थेथरलौजी में Ph.D होते हैं. इनके हाथ में हमेशा मोबाइल रहता है और उससे प्रकाश ऐसे ही निकलता है जैसे कभी देवताओं के हाथ से निकला करता था और एक मरे हुआ आदमी को जिंदा कर जाता था. और सबसे जरुरी लक्षण, इनकी डिक्शनरी में “नही जानते” शब्द नही होता.

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s